निर्मम

Agastya Kapoor की दुनिया

कुछ आंसूं जो बहे नहीं |
कुछ दर्द जो कहें नहीं |
सुनाते है कहानी,
कहानी बड़ी है निर्मम |

अगर दिल में धड़कन बाकी है तो सुनना |
अगर इंसानियत में लगन बाकी है तो सुनना |
अगर थोड़ी मजाल बाकी है तो सुनना |
कहानी बड़ी है निर्मम,
अगर कुछ सवाल बाकी है तो सुनना |

उसमें सहस था |
उसकी राह नेक थी |
उसमें शक्ति थी |
उसकी चाह नेक थी |
उसमें ज्वाला थी |
उसका इरादा पक्का था |
वो कर गयी जो करना था |
उसे फ़र्ज़ के लिए कुछ कर गुज़ारना था |
वो विध्वंसिनी थी |
उसने सहे बड़े सितम,
कहानी बड़ी है निर्मम |

उसके बलिदानों का हिसाब नहीं |
उसकी शहादत का जवाब नहीं |
कहानी बड़ी है निर्मम,
ये सच है कोई ख्वाब नहीं |
हज़ार बार रामायण, महाभारत होते रहेंगे |
ये सब दिन रात होते रहेंगे…

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